घून्घ्रावा मोरा चम-चम बाजे..
चम-चम की धुन पर जिया मोरा नाचे..
घून्घरावा मोरा...
आंखो ने आंखो से मस्ती चुराई..
बहके कदम और नज़र लड़खड़ाई
मन के सिंहासन पे तू ही बिराजे हो तू ही बिराजे
घून्घरावा मोरा...
चाहत बिना ज़िन्दगी थी अधूरी..
तू नही समझे ग्वालन की चोरी..
राधा को साजे तो मोहन ही साजे ओ मोहन ही साजे
घून्घरावा मोरा...
|
| This lyrics |
Print |
Send / Dedicate to someone |
|
|
|
Related Lyrics
|