हर सांस सुलझ रही थी उलझाने को तुम आ गए,
जो आग बुझ रही थी भड़काने को तुम आ गए....
हर कदम पर हवा है कठिन वासता
जीने का हौसला दर्द का सिलसिला
सांस आज़ाद है जीना दुशवार है
पहेले दिन के लिए बहुत प्यार है
ये दिन गिन के जी रहा हू आज़माने तुम आ गए
मै कब का मर चुका बताने तुम आ गए
हर सांसे सुलझ रही थी उलझाने को तुम आ गए
जो आग बुझ रही थी भड़काने को तुम आ गए
कोई कहता यहां ज़िन्दगी सज गयी
कोई कहता वहा ज़िन्दगी मिट गयी
एक तमन्ना यहा एक तमन्ना वहा
एक भरोसा यहा और नफ़रत वहा
मौसम खिल रहाथा दिल जलाने तुम आ गए
रस्ते पे मै चल पडा था बहकाने तुम आ गए
हर सांस सुलझ रही थी उलझाने को तुम आ गए,
जो आग बुझ रही थी भड़काने को तुम आ गए..
तुम आ गए हो नूर आ गया है..
नही तो चरागो से लौ जा रही थी
जीने की तुमसे वजेह मिल गयी है
बड़ी बेवजह ज़िन्दगी जा रही थी
तुम आ गए हो नूर आ गया है
कहा से चले कहा के लिए ये खबर नही थी मगर
कोई भी सीर जहा जा मिला वही तुम मिलोगे
के हम तक तुम्हारी दुवा आ रही थी
तुम आ गए हो नूर आ गया है
नही तो चरागो से लौ जा रही थी
तुम आ गए हो नूर आ गया है
दिन डूबा नही रात डूबी नही जाने कैसा है सफ़र
ख्वाबो के दिए आंखो मे लिए वही आ रहे थे
जहा से तुम्हारी सदा आ रही थी
तुम आ गए हो नूर आ गया है
नही तो चरागो से लौ जा रही थी
तुम आ गए हो नूर आ गया है
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