जब हवैएं सुनती है, तेरे मेरे प्यार की दास्तान
सुनती है यह फिजा, सुनती है यह ज़मीन, सुनता है आसमान
इसीलिए फूलो मे कलियो मे खुशबू है
इसीलिए पर्वतो झरनो मे जादो है
इसीलिए निखरे है रास्ते वादियां
हो जब हवाए सुनती है, तेरे मेरे प्यार की दास्तान
हो सुनती है यह फिजा, सुनती है यह ज़मीन, सुनता है आसमान
सपनो का ये मौसम है, दिल से दिल का संगम है
सुलगे सुलगे होठो पैर, हलकी हलकी शबनम है
चलते चलते कहा आ गए हम
तुम जो पास आये शर्मा गए हम
खुद को खोया तुम्हे पाए हम
हो इसीलिए हम भी तो करते यू प्रीत है
इसीलिए गूंजते अनसुने गीत है, इसीलिए तो कोई आरज़ू है जवान
महकी सी है तन्हाई, रुत है जैसे अलसी
हो दिल मे लेते है अरमान, अन्गादी पैर अंगड़ाई
तोड़ी सी तो रखो हमसे दोर्री, क्यो कहानी रहे यह अधूरी
सब तो कहना नही है जरूरी, इसीलिए मिलके भी मिलने की प्यास है
इसीलिए प्यार को कल की भी आस है, इसीलिए तो हसी लगती दूरिया
जब हवाए सुनती है, तेरे मेरे प्यार की दास्तान
सुनती है ये फिजा, सुनती है ये ज़मीन, सुनता है आसमान
इसीलिए निखरे है रास्ते वादिया
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