जीना क्या तेरे बिना, मरना भी होगा गुन्हा,
अब्ब तोह ई जान-इ-वफ़ा, तनहा हुवा मै..
धुन्दू निशां.... मै तेरा
क्यू, क्यू शाम से पठार गयी आंखे मेरी,
यू मुझसे जुदा क्यूं है पता मंजिल तेरी..
राते राते है खफा, सुबह कब देगी शिफाह
अब्ब तोह ई जान-ए-वफ़ा, तनहा हुवा मै
दिल, दिल का मकान वीरान है, सुनसान है,
इन दीवारोगर से रोशनी अनजान है..
हा ऐसा पहली दफा दिल को यह लगे लगा
अब्ब तोह ए जान-ए-वफ़ा, तनहा हुवा मै
जीना क्या तेरे बिना, मरना भी होगा गुन्हा
अब्ब तोह ए जान-ए-वफ़ा, तनहा हुवा मै
धुन्दू निशां.... मै तेरा
|
| This lyrics |
Print |
Send / Dedicate to someone |
|
|
|
Related Lyrics
|