सूरज कब दूर गगन से
चंदा कब दूर किरण से
खुशबू कब दूर पवन से
कब दूर बहार चमन से
ये बंधन तो प्यार का बंधन है,
जन्मो का संगम है..
सूरज कब दूर गगन से
चंदा कब दूर किरण से
खुशबू कब दूर पवन से
कब दूर बहार चमन से
ये बंधन तो प्यार का बंधन है
जन्मो का संगम है
तुम ही मेरे जीवन हो,
तुम्हे देख देख जी लूगी..
मै तो तुम्हारे खातिर
दुनिया का ज़हर पी लूगी
तेरे पावन चरणो मे
आकाश झुका देगे हम
तेरी राह मे जो शोले हो
तो खुद को बिछा देगे हम
ये बंधन तो प्यार का बंधन है,
जन्मो का संगम है..
ममता के मंदिर की है तू,
सब से प्यारी मूरत..
भगवान नज़र आता है
जब देखे तेरी सूरत
जब जब दुनिया मे आये
तेरा ही आंचल पाए
जन्मो की दीवारो पर
हम प्यार अपना लिख जाए
ये बंधन तो प्यार का बंधन है,
जन्मो का संगम है..
सूरज कब दूर गगन से
चंदा कब दूर किरण से
खुशबू कब दूर पवन से
कब दूर बहार चमन से
ये बंधन तो प्यार का बंधन है
जन्मो का संगम है
होइन्सान मारा करते है
विश्वास नही मरता है
नामुमकिन को भी मुमकिन
विश्वास किया करता है
सपने सच हो जाते है
हर दूआ काम आती है
विश्वास की डोर है एसी
अपनो को खीच लाती है
ये बंधन तोह प्यार का बंधन है
जन्मो का संगम है
संगम है...
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