जानिये हीरिये..
मेरे मन ये बता दे तू
किस और चला है तू
क्या पाया नही तुने
क्या धुंध रहा है तू
जो है अनकही जो है अनसुनी
वोह बात क्या है बता
मितवा कहे धड़कन है तुझसे प्यार
मितवा यह खुदसे तो ना तू छुपा
मेरे मनन ये बता दे तू
किस और चला है तू
क्या पाया नही तुने
क्या धुंध रहा है तू
जो है अनकही जो है अनसुनी
वोह बात क्या है बता
मितवा कहे धड़कन है तुझसे प्यार
मितवा यह खुदसे तो ना तू छुपा
जीवन डगर मे प्रेम नगर मे..
आया नज़र मे जब से कोई है
तू सोचता है तू पुछता है
जिसकी कमी थी क्या यह वोही है
हा यह वोही है..
तू एक प्यासा और यह नदी है
काहे नही इसको तू खुलके बताये
जो है अनकही जो है अनसुनी
वोह बात क्या है बता
मितवा कहे धड़कन है तुझसे प्यार
मितवा यह खुदसे तो ना तू छुपा
तेरी निगाहे
पर तू यह सोचे जाऊ ना जाऊ
यह ज़िन्दगी जो है नाचती तोह
क्यो बेड़ियो मे है तेरे पाव
प्रीत की धुन पर नाच ले पागल
उड़ता अगर है उड़ने दे आंचल
काहे कोई अपने को आइसे तरसाए
जो है अनकही जो है अनसुनी
वोह बात क्या है बता
मितवा कहे धड़कन है तुझसे प्यार
मितवा यह खुदसे तो ना तू छुपा
मेरे मन ये बता दे तू
किस और चला है तू
क्या पाया नही तुने
क्या धुंध रहा है तू
मितवा...
|
| This lyrics |
Print |
Send / Dedicate to someone |
|
|
|
Related Lyrics
|