हम लाख छुपाये प्यार मगर दुनिया को पता चल जाएगा
लेकिन छुप छुप के मिलने से मिलने का मज़ा तो आएगा
तुम कितने भोले भाले हो हर बात को खेल समझते हो
मै जब दुनिया की कहता हू तुम अपने दिल की कहती हो
यह प्यार हमारा रब जाने, जाने क्या रंग लाएगा..
लेकिन छुप छुप के...
ये मस्त हवा महकी ये फिजा आंखो मे नशा सा छाता है
इक रंग ख़ुशी का आता है इक रंग ख़ुशी का जाता है
ये मीठा मीठा दर्द मुझे दिन रात यू ही तड़पायेगा
लेकिन छुप छुप के...
तुम इन बांहो के घेरे मे आंखे बंद करके सो जाओ
कल क्या होगा ये भूल के तुम मीठे सपनो मे खो जाओ
मै रखवाला इस तन मन का जो होगा देखा जाएगा
लेकिन छुप छुप के...
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