लगते तो हो तुम अजनबी,
पर अजनबी तुम लगते नही..
जाने कैसा ये एहसास है
जब से नज़रो के तू पास है
तू पास है
लगते तो हो तुम अजनबी
पर अजनबी तुम लगते नही
जाने कैसा ये एहसास है
जब से नज़रो के तू पास है
तू पास है
अनजान हो तुम अनजान है हम
अनजान है ये राहे
फिर भी लगे क्यो धुंध रही थी
कब से तुझे ये निगाहे
अनजान हो तुम अनजान है हम
अनजान है ये राहे
फिर भी लगे क्यो धुंध रही थी
कब से तुझे ये निगाहे
तुम हो हकीक़त या हो ख़याल
दिल ने मेरे किया है सवाल
जाने कैसा ये एहसास है
जब से नज़रो के तू पास है
तू पास है
लगते तो हो तुम अजनबी
पर अजनबी तुम लगते नही
तू है कहा से किस आसमान से
संग क्यो चलने लगी है
क्यो तक़दीरे धुंधली लकीरे
रंग बदलने लगी है
तू है कहां से किस आसमान से
संग क्यो चलने लगी है
क्यो तक़दीरे धुंधली लकीरे
रंग बदलने लगी है
दिल की लगी है या दिल्लगी
क्या ये तड़प है या दीवानगी
जाने कैसा ये एहसास है
जब से नज़रो के तू पास है
तू पास है
लगते तो हो तुम अजनबी
पर अजनबी तुम लगते नही
जाने कैसा ये एहसास है
जब से नज़रो के तू पास है
तू पास है
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