का जानू मै सजनिया
चमकेगी कब चंदनिया
घर मे गरीब के
उठायी ले घुन्घता...
चांद देख ले
काश मेरे पास होती धरती
फिर मै तुझे प्यार नही कराती
धरती पे पैदा होता सोना
बिकता नही दिल का ये खिलौना
ये मुफ्त का है सौदा
पैसे से नही होता
होता है प्यार से
मिलाई ले नैनवा...
प्यार टोल ले
उठायी ले घुन्घता
तोड़ के दीवार हम मिलेगे
प्यार के ये फूल कब खिलेगे
मै हू यहा तू है कहा खोया
मै कई रातो से नही सोया
हसता है ये ज़माना
मै हो गया दीवाना
कहते है लोग ये
बुलाई ले वैद को...
रोग पूछ ले
उठायी ले घुन्घता
दू मै तुझे बोल निशानी
तेरा प्यार मेरी जिंदगानी
जो भी तुझे चाहिए बता दे
बैया के हार पहना दे
क्यो दूर खड़ा ऐसे
कट के पड़ी हो जैसे
डोरी पतंग से
उडाई ले पतंग को...
डोर जोड़ ले
उठायी ले घुन्घता
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