तू नील समुन्दर है मै रेत का साहिल हू
आघोष मे ले ले मै देर से प्यासी हू
एक सौद्सा रात कास, एक कौड़ी चांद की,
चाहे तोह चूम ले, तू तोड़ी चांद की..
एक चांद की काष्ठी मे चल पार उतरना है
तू हलके हलके खेना दरिया न चलके
म्या म्या गुलाबी तारे चुन ले सारे चुन,
माया म्या की जिस्म के पर्दो मे दर्दो के मारे चुनले..
जब नील समुंदर जागे आघोष मेलेकर साहिर
लहराथा है और मस्ती मे महताब का चेहरा चूम्ता है
मेरी सीने मे तेरे सासे भर लेती हू
करवट करवट मै तुझ से लिपटकर रात बसरकर लेथी हू
सीने सीमेरे उठाता है धुवा
दीवार पे क्या लिख्था है धुवा
धीमा धीमा धीमा धुवा
हर बार यह क्या कहता है धुवा
म्या म्या आले ले ले ले
एक सौदा रात का, एक कौड़ी चांद की
चाहे तोह चूम ले, तू तोड़ी चांद की
एक मेघ की काष्ठी मे चल पार उतरना है
तू हलके हलके खेना दरिया न चलके
म्या म्या..
|
| This lyrics |
Print |
Send / Dedicate to someone |
|
|
|
Related Lyrics
|