हायेई रणजी मारे गुस्से मे आये
ऐसो बलखाये, अगिया बरसाए,घबराए मार्रो चैन
जैसे दुर देश के , जैसे दुर देश के
तोवेर मे घुस जाए रे एरोप्लाने
जैसे दुर्र देश के,तोवेर मे घुस जाए रे एरोप्लाने
रणजी मारे गुस्से मे आये,ऐसो बलखाये
अगिया बरसाए,घबराए मार्रो चैन
जैसे दुर्र देश के,तोवेर मे घुस जाए रे एरोप्लाने
रणजी मारे ऐसो गुराए, ऐसो थाराए
भर आये मारे नेने, जैसे सरे आम भैय्ल
जैसे सरे आम ई रात मे जाके चमके अंकल सम
रणजी मारे…
रणजी मारी सास ननद के ताने
रणजी मारे जेठ ससुर के बानी
रणजी थापे भूत परेत की छाया
हैई रणजी थापे इल बिल जिन्न का साया
हेय्य्य सजनी को दार बोले, थारी को बीर बोले
मागे है इंग्लिश बोली, मांगे है इंग्लिश चोली
मागे है इंग्लिश जयपुर, इंग्लिश बीकानेर
जैसे बिसलेरी की, जैसे बिसलेरी की
जैसे बिसलेरी की बोतल पी के बन गए एन्ग्लिश्मन
रणजी मारे
रणजी मारी सौतन को घर ले आये
पूछे तो बोले फ्रेंड हमारी है ही
रणजी ने ठंडा चक्कू यु खोला
बोले की ही ठंडा माने कोका कला तिमेस
रणजी बोले मोरो की बस्ती मे है शोरे रानी,
मोरो की बस्ती मे है शोरे राने
क्युकी ये दिल मागे मोरे, मोरे रानी मोरे रानी मोरे रानी
थारी तो बीच बजरिया ही बदनामी हो गयी
थारी तो लाल चुनरिया, सरम से धानी हो गयी
थारो तो धक धक होवे, जो जो बीते रे
जैसे हर एक बात पे, जैसे हर एक बात पे
जैसे हर एक बात पे देमोक्रेय मे लगने लग गया बन
जैसे दुर देश के तोवेर मे घुस जाए रे एरोप्लाने
जैसे सरे आम इराक मे जा कर जम गए अंकल सम
जैसे बिना बात अफ्घनिस्तान का
जैसे बिना बात अफ्घनिस्तान का, बज गया भैया बंद
जैसे दुर देश के तोवेर मे घुस जाए रे एरोप्लाने
रणजी मारे
|
| This lyrics |
Print |
Send / Dedicate to someone |
|
|
|
Related Lyrics
|