हएक ऋतू आये एक ऋतू जाए
मौसम बदले ना बदले नसीब
कौन जाता करू कौन उपाय
एक ऋतू आये
तक तक सूखे पत्ते आंखे तरस गयी
बादल तो न बरसे आंखे बरस गयी
बरस बरस दुःख बढ़ता जाए
एक ऋतू आये
प्यासी बंजर धरती किसका पेट भरे ओ
भूखे प्यासे बच्चे खेती कौन करे
मान की ममता नीर बहाए
एक ऋतू आये
प्यार ना करना नफ़रत करना सिख लिया
सब लोगो ने लड़ना मरना सिख लिया
इनको जीना कौन सिखाये
एक ऋतू आये
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