तुम बिन सजन बरसे नयन जब-जब बादल बरसे
मजबूर हम मजबूर तुम दिल मिलाने को तरसे
नागिन सी ये रात अंधेरी बैठी है दिल को घेर के
रूठे जो तुम सब चल दिए मुख फेर के
तुम बिन सजन...
ये दिल तेरे प्यार की कातिर जग से बेगाना हो गया
एक ख्वाब था सब लुट गया सब खो गया
तुम बिन सजन...
प्यासे-प्यासे नैन हमारे रो रो के हारे सजना
आठो पहर बरसे गगन इस अंगना
तुम बिन सजन...
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