मेरी गली मे अंधेरा ही अंधेरा है
शहर को जुल्मत के जालो ने घेरा है
आज की रात चरागो की लौ ऊची कर लो
जलने दो अंधेरे लौ पे जलने दो
तेज हवा है , लौ को जरा संभालने दो
आज की रात चरागो की लौ ऊची कर लो
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