सुभान अल्लाह......
चांद सिफारिश जो करता हमारी देता वोह तुमको बता
शर्म-ओ-हया पे परदे गिरा के करनी है हमको खता
जिद्द है अब तोह है खुद को मिटाना होना है तुझमे फना
चांद सिफारिश जो करता हमारी देता वोह तुमको बता
शर्म-ओ-हया पे परदे गिरा के करनी है हमको खता
तेरी अदा भी है झोंके वाली छू के गुजर जाने दे
तेरी लचक है के जैसे डाली दिल मे उतर जाने दे
आजा बाहो मे करके बहाना होना है तुझमे फना
चांद सिफारिश जो करता हमारी देता वोह तुमको बता
शर्म-ओ-हया पे परदे गिरा के करनी है हमको खता
सुभान अल्लाह......
है जो इरादे बता दू तुमको शर्मा ही जाओगी तुम
धड़कने जो सुना दू तुमको घबरा ही जाओगी तुम
हमको आता नही है छुपाना होना है तुझमे फना
चांद सिफारिश जो करता हमारी देता वोह तुमको बता
शर्म-ओ-हया पे परदे गिरा के करनी है हमको खता
जिद्द है अब तोह है खुद को मिटाना होना है तुझमे फना
|
| This lyrics |
Print |
Send / Dedicate to someone |
|
|
|
Related Lyrics
|