कोई नही है कमरे मे, क्या हसी मिला है पल,
आज शरारत करने दो, काम बाकी करेगे कल..
जाओ बाबा जाओ, ऐसे न बहकाओ
होश मे आ जाओ, पागल न बनो तुम
दिलबर शिकदुम शिकदुम........
खिड़किया कहे, परदे गिरा दो
इस तरह से ना, मुझको सजा दो
छोड़ दो मुझे, जाने भी दो ना
है क़सम तुम्हे, यू जिद करो ना
कैसे ये मजबूरी, किस लिए है दूरी
हो बड़े दीवाने, है मुझको ये मालूम
दिलबर शिकदुम शिकदुम........
ना सताओ तुम यू मुस्कुराके
चूम लो सनम, बाहो मे आके
अच्चा लो चलो, हारी मै हारी
मान ली सभी बाते तुम्हारी
बातो ही बातो मे, पल गुज़र ना जाए
आओ एक दूजे मे, हो जाए कही गम
दिलबर शिकदुम शिकदुम........
कोई नही है कमरे मे, क्या हसी मिला है पल,
आज शरारत करने दो, काम बाकी करेगे कल..
जाओ बाबा जाओ, ऐसे न बहकाओ
होश मे आ जाओ, पागल ना बनो तुम
दिलबर शिकदुम शिकदुम........
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