ए मसकली मसकली, उड़ मताकाली मताकाली
ए मसकली मस मस कलि, उड़ मताकाली मताकाली
मसकली मसकली, उड़ मताकाली मताकाली
ज़रा फांक झटक गई धुल अटक
और लचक मचाक के दूर भटक
उड़ डगर डगर कसबे कुचे नुक्कड़ बस्ती
इत्दी से मुद अदा से उड़,
कर ले पूरी दिल की तमन्ना, हवा से जुड़ अदा से उड़
पूर्र भूर भुर्र्र फूर्र्र, तू है हीरा पन्ना री
मसकली मसकली, उड़ मतकली मतकली
घर तेरा सलोनी, बदल की कालोनी
देखादे ठेंगा इन सबको जो उड़ना ना जाने
उडियो ना दारियो कर मनमानी मनमानी मनमानी
बढियो ना मुदियो कर नादानी
अब्ब थान ले मुस्कान ले, कह सना नाना न न न हवा
बस थान ले तू जान ले, कह सना नाना न न न हवा
ए मसकली मसकली, उड़ मताकाली मताकाली
ए मसकली मासा मासा कलि, मसकली मसकली, उड़ माता
तुझे क्या गम तेरा रिश्ता, गगन की बासुरी से है
पवन की गुफ्तगू से है, सूरज की रोशनी से है
उडियो ना दारियो कर मनमानी मनमानी मनमानी
बढियो ना मुदियो कर नादानी
अब्ब थान ले मुस्कान ले, कह सना नाना न न न हवा
बस थान ले तू जान ले, कह सना नाना न न न हवा
मसकली मसकली, उड़ मटक मटक मतकली
मसकली मस मस मसकली, मटक मटक
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