मै ने चांद और सितारो की तमन्ना की थी,
मुझको रातो की सियाही के सिवा कुछ ना मिला..
मै ने चांद सितारो
मै वो नगमा हू जिसे प्यार की महफ़िल ना मिली
वो मुसाफिर हू जिसे कोई भी मंजिल ना मिली
ज़ख्म पाए है बहारो की तमन्ना की थी
मै ने चांद सितारो
किसी गेसू किसी आंचल का सहारा भी नही
रास्ते मे कोई धुन्धला सा सितारा भी नही
मेरी नज़रो ने नजारो की तमन्ना की थी
मै ने चांद सितारो
मेरी राहो से जुदा हो गई राहे उनकी
आज बदली नज़र आती है निगाहे उनकी
जिससे इस दिल ने सहारो की तमन्ना की थी
मै ने चांद सितारो
प्यार मांगा तो सिसकते हुए अरमा मिले
चैन चाहा तो उमड़ते हुए तूफ़ान मिले
डूबते दिल ने किनारो की तमन्ना की थी
मै ने चांद सितारो
दिल मे नाकाम उम्मीदो के बसेरे पाए
रोशनी लेने को निकला तो अंधेरे पाए
रंग और नूर के धारो की तमन्ना की थी
मै ने चांद और सितारो
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