महबूबा..
शहरो मे से शहर सुना,
भाई शहर सुना था दिल्ली,
दिल्ली शहर मे चांदनी नाम की लड़की मुझसे मिल्ली,
उसकी झील सी आंखो मे हाई दिल मेरा डूबा,
बनी वोह मेरी यही वो मेरी,
तू है वो मेरी महबूबा...,
महबूबा..
मैने तुझको देखा तो पहली नज़र मे जान लिया,
है मेरा महबूब तू ही मैने तुझे पहचान लिया..
ख़्वाबो और ख्यालो की गलियो मे जिसको धुन्ध
बना तू मेरा हा बनी तू मेरी
बनी मै तेरी महबूबा...
शहरो मे से शहर सुना
भाई शहर सुना था दिल्ली
दिल्ली शहर मे चांदनी नाम की लड़की मुझसे मिल्ली
उसकी झील सी आंखो मे हाई दिल मेरा डूबा
बनी वो मेरी यही वो मेरी
तू है वो मेरी महबूबा...
महबूबा
मुझको ये परवाह नही अब क्या सबकी मर्ज़ी है,
सबकी मर्ज़ी को छोडो ये तो रब की मर्ज़ी है..
हम दोनो के बिछ मे अब ना ए कोई दूजा
बनी तू मेरी बनी मै तेरी
तू ही तो मेरी महबूबा
मै हु वो तेरी महबूबा
तू ही तो मेरी महबूबा
शहरो मे से शहर सुना
भाई शहर सुना था दिल्ली
दिल्ली शहर मे चांदनी नाम की लड़की मुझसे मिल्ली
उसकी झील सी आंखो मे हाई दिल मेरा डूबा
बनी वो मेरी यही वो मेरी
तू है वो मेरी महबूबा,
मै हु वो तेरी महबूबा,
तू है वो मेरी महबूबा..
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