रातो रात तारा कोई चांद या सितारा कोई
गिरे तो उठा लेना, ओ सुनियो रे
तारा चमकीला होगा चांद शर्मीला होगा
नथ नोस मे लगा लेना
ज़रा सी सवारी है वोह
ज़रा सी बावरी है वोह
वोह सुरमे की तरह मेरी
आंखो मे ही रहती है
सुबह के खवाब से उड़ाई है
पलको के नीचे छुपी है
मानो ना मानो तुम
सोते सोते खवाबो मे भी खवाब दिखाती है
मानो ना मानो तुम
पारी है वोह पारी की कहानिया सुनती है
खुदा या कैरे, खुदा या कैरे
रातो रात तारा कोई चांद या सितारा कोई
गिरे तो उठा लेना, ओ सुनियो रे
तारा चमकीला होगा चांद शर्मीला होगा
नाथ्नोसे मे लगा लेना
तू हवा मे ज़मीन
तू जहा मे वही
जब उड़े मुझे ले के क्यो उडती नही
तू घटा मे ज़मीन
तू कही मे कही
क्यो कभी मुझे ले के क्यो बरसती नही
ज़रा सा सवारा है वो
ज़रा सा बवारा है वो
वोह सुरमे की तरह मेरी
आंखो मे ही रहती है
सुबह के खवाब से उड़ाई है
पलको के नीचे छुपी है
मनो न मनो तुम
सोते सोते खवाबो मे भी खवाब दिखाती है
मनो न मनो तुम
पारी है वोह पारी की कहानिया सुनती है
खुदा या कैरे, खुदा या कैरे
जब दन्त मे ऊगली दबाये
या ऊंगली पे लत लिप्ताये
बदल ये निचाद्ता जाये,
कुछ कर के वोह बात को ताले
जब माथे पे वोह बल डाले
अम्बर ये सूखता जाये,
वोह जब नाखुन कुतरती है
तो चंदा घटने लगता है
वोह पानी पैर कदम रखे
सागर भी हट जाता है
सुबह के खवाब से उड़ाई है
पलको के नीचे छुपी है
मानो ना मानो तुम
सोते सोते खवाबो मे भी खवाब दिखाती है
मानो ना मानो तुम
पारी है वोह पारी की कहानिया सुनती है
खुदा या कैर, खुदा या कैर
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