कब से उसको धुंधता हू, बहेगी पलको से यहा
अब जाने वोह कहा है, था तो मेरा आशिया
रब्बा मेरे मुझको बता, हाय दे मुझे क्यो यह सजा
अब सरे बंधन थोड के, यादो को तनहा छोड़ के
मे घूम से रिश्ता जोड़ के जाऊ कहा
एक छोटा ससा जहा, चांद खुशियो से भरा
उसको मुझसे चीन कर है, मिल गया तुझको भी क्या
अब्ब है फकत सिर्फ जान, कर दू मे वोह भी आता
अब सरे बंधन थोड के, यादो को तनहा छोड़ के
मे घूम से रिश्ता जोड़ के जाऊ कहा
वक़्त के कितने निशां है, ज़री ज़री मे यहा
दोस्तो के साथ के पल, कुछ हसे कुछ गम ज्यादा
सब हुआ अब्ब तो फन्ना, बस रहा बाकि धुआ
अब सरे बंधन थोड के, यादो को तनहा छोड़ के
मे घूम से रिश्ता जोड़ के जाऊ कहा
कब से उसको धुंधता हू, बहेगी पलको से यहा
अब जाने वोह कहा है, था तो मेरा आशिया
रब्बा मेरे मुझको बता, हाय दे मुझे क्यो ये सजा
अब सरे बंधन थोड के, यादो को तनहा छोड़ के
मे घूम से रिश्ता जोड़ के जाऊ कहा
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