मेरे महबूब तेरे दम से है दुनिया मे बहार
वरना इस घूम से भरी दुनिया मे क्या रखा है..
मेरे महबूब तेरे दम से
अपने गीतो मे तेरा हुस्न नज़र आया है
इस लिए दिल तेरी महफ़िल मे मुझे लाया है
रास्ता भूल गया या मेरी मंजिल है येही..
कोई बतलाये के क्या खोया है क्या पाया है
मेरे महबूब तेरे दम से है दुनिया मे बहार
वरना इस घूम से भरी दुनिया मे क्या रखा है..
मेरे महबूब तेरे दम से
तेरी आंखो मे नज़र आई है जन्नत मुझको
मेरी जन्नत तेरी आंखो के सिवा कोई नही
मै तस्सवीर मे तेरे झूम लिया करता हू..
मेरी दौलत तेरी चाहत के सिवा कोई नही
मेरे महबूब तेरे दम से है दुनिया मे बहार
वरना इस घूम से भरी दुनिया मे क्या रखा है..
मेरे महबूब तेरे दम से
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