सानिया बदनाम
सुबह का सूरज डूब गया मेरा जुल्फ गतेली शाम..,
जिस्म मेरा मेहेकने लगा अभी ज़ल्कते शाम,
हर नज़र चाहे मुझे सानिया बदनाम..,..
इशारे पे ये वक़्त मेरे चले
सितारे पीछे मेरे कदोमो टेल
ज़रा मुस्कुरा के मै देकू जिधेर
हर एक दिल मे खलबल सी शम्मा जले
जब निगाहे फेर लू मै छीन लू अरमा..
हर नज़र चाहे मुझे सानिया बदनाम..
मै सपना सुहाना हसी रात का
मै जब एक तुफा हू जज्बात का
चदकर ना उतारे कभी उम्रभर
नशा है वोह मेरे मुलाक़ात का
मरनेवाला भी उठाता है सुनके मेरा पैगाम..
हर नज़र चाहे मुझे सानिया बदनाम..
सुबह का सूरज डूब गया मेरा जुल्फ गतेली शाम..
जिस्म मेरा मेहेकने लगा अभी ज़ल्कते शाम
हर नज़र चाहे मुझे सानिया बदनाम.....
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