ऐसी चीज़ सुनाएं की महफ़िल दे ताली पे ताली
वर्ना अपना नाम नही बन्ने खान भोपाली
मुन्ने मिया बधाई बनो खुश होनहार
दोनो जहा की कुशिया हो आप पे निसार
बचपन हो कुशगवार जवानी सदाबहार
अल्लाह करे ये दिन आये हज़ार बार
जीना तो है उसी का जिसने ये राज़ जाना
है काम आदमी का औरो के काम आना
किसी ने कहा तू है तारो का राजा
किसी ने दुआ दी किसी ने दी बधाई
सबकी आंखो का तू तारा बने
तेरी ही रोशनी मे चमके तेरा घराना
दिल लगाकर तू पढ़ना हमेशा आगे बढ़ाना
सच का दामन न छूते चाहे ये दुनिया रूठे
काम तू अच्छा करना सिर्फ अल्लाह से डरना
सभी को गले लगा कर मोहब्बत मे लुट जाना
मोहब्बत वो खजाना है कभी जो कम नही होता
है जिसके पास दौलत उसे कुछ गम नही होता
तेरा-मेरा करके जो मरते उनको ये समझाना
सूरत पे माशा अल्लाह वो बात है अभी से
तदापेंगे दिल हज़ारो गुजारोगे जिस गली से
डोली मे जब बिठाकर लाओगे फुलाझादी को
जिंदा रहे तो हम भी देखेगे उस घडी को
अगर अल्लाह ने चाहा तो हम उस दिल भी आयेगे
बधाई हमने गई है तो हम सेहरा भी गायेगे
चांद-सूरज भी आयेगे नीचे दूल्हा-दुल्हन के पीछे
है काम आदमी का ...
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