ना भंवर ना कोइ गुल
अकेला हू मै तेरा बुल-बुल
है एक तनहाई
मेरी जान मेरे जहा मे आ
मेरे जहा मे रंग-ओ-बू
कही पर हसी कही आंसू
ये ही बता सौदाई
मै ये ज़िन्दगी भुला दू क्या
उल्फत की है यहा बू बॉस
मन मे लगी, लबो पर प्यास
मन मे लगी, लबो पर प्यास
चांदी सोना हो न हो
दिल है अपने पास
मेरी दुनिया और हसी है
यहा दंगा शोर नही है
है एक तनहाई
मेरी जान मेरे जहा मे आ
ना भवर ना कोइ गुल
अकेला हू मै तेरा बुल-बुल
है एक तनहाई
मेरी जान मेरे जहा मे आ
तेरा जहा है जिस का नाम
ग़म की सुबह दुखो की शाम
मामूली सी बात पे
लड़ना इसका काम
फिर भी ये सब है अपने
मिल झूल कर देखे सपने
ये ही बता सौदाई
मै ये ज़िन्दगी भुला दू क्या
मेरे जहा मे रंग-ओ-बू
कही पर हसी कही आंसू
ये ही बता सौदाई
मै ये ज़िन्दगी भुला दू क्या
ना भवर ना कोइ गुल
अकेला हू मै तेरा बुल-बुल
है एक तनहाई
मेरी जान मेरे जहा मे आ
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