आंखो से बचाकर, लो रखो छुपाकर
प्यार को कभी किसी की नजर न लगे
चांद को चुराकर, माथे पे सजाकर
हौले चलना रात को खबर ना लगे
सितारे धुंद लाये है, अंधेरो पे सजाये है
जैसे दिवाली की हो रात जिंदगी
बड़े से शहर मे छोटे छोटे घर मे
इतनी यह खुशिया बोलो रख दे कहा
प्यार मुस्कराहट सपनो की आहात, जो भी मागा मिल गया
आजकल इक नन्हे मेहमान से बाते करू ख़्वाबो मे
दोनो कहानिया बनाते, झूटी सच्ची है बताते
मैने कल उससे कहां यार अब्ब आ भी जाओ घर कभी
भीगने से न तुम डरना, खुशियो की है बरसाते
सितारे धुंद लाये है, अंधेरो पे सजाये है
जैसे दिवाली की हो रात जिंदगी
न न न नारे न न न न न नारे, जो भी मांगा मिल गया
बड़े से शहर मे छोटे छोटे घर मे
इतनी यह खुशिया बोलो रख दे कहा
प्यार मुस्कराहट सपनो की आहात, जो भी मागा मिल गया
आंखो से बचाकर, लो रखो छुपाकर
प्यार को कभी किसी की नजर न लगे
चांद को चुराकर, माथे पे सजाकर
हौले चलना रात को खबर न लगे
सितारे धुंद लाये है, अंधेरो पे सजाये है
जैसे दिवाली की हो रात जिंदगी
बड़े से शहर मे छोटे छोटे घर मे
इतनी यह खुशिया बोलो रख दे कहा
प्यार मुस्कराहट सपनो की आहात, जो भी मागा मिल गया
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