आसमा ओढ़कर, आये हम अपने घर
बादलो मे ढाका है यह कम्मर मेरा
तुम्हे ख़्वाबो मे मिलेंगे
अब्ब तारो से कहा है की जरा जल पड़े
धीरे से हमारा नाम पुकारो
ख्वाईशो के दरिया मे उतारो
तेरी मेरी हसी यादो पे हम जरा ठहर ले
तेरी मेरी उल्फत जैसे है शराब पुरानी कोई
मुद्दतो मे और भी इश्क हुवा नुम्किन
लोगो मेरी दुल्हन हसी आज भी है नयी नवेली
तू जो मेरी दोस्त है मेरी सहेली
मुश्किल सही यह सफ़र कितना हंसी है मगर
तू जो संग मे है ऐसा लगे
नयी नयी कोई दुनिया है मेरी है मेरी
धीरे से हमारा नाम पुकारो
ख्वाईशो के दरिया मे उतारो
तेरी मेरी हसी यादो पे हम जरा ठहर ले
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